अर्जेंटीना के राजनयिक राफेल ग्रॉसी अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नए महानिदेशक ! जानिए संयुक्त राष्ट्र के इस परमाणु प्रहरी के बारे में –

अर्जेंटीना के राजनयिक राफेल ग्रॉसी को युकिया अमानो के स्थान पर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नए महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र की परमाणु प्रहरी है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण  परमाणु ऊर्जा के सैन्य उपयोग को किसी भी प्रकार से रोकने के लिए प्रयासरत एक स्वायत्त अंतर्राष्ट्रीय संस्था है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण की स्थापना 29 जुलाई, सन 1957 ई. में की गई थी।

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्रसंघ के मुख्यालय में 26 अक्टूबर, 1957 को आयोजित एक अंतरर्राष्ट्रीय सम्मेलन में इसकी संविधि स्वीकृत की गई थी। संयुक्त राष्ट्रसंघ से इसका संबंध एक समझौते के माध्यम से जोड़ा गया है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण का मुख्यालय वियना(ऑस्ट्रिया) में है।

राफेल ग्रॉसी-

  • उन्हें  1 जनवरी, 2020 तक चार साल की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा।
  • ग्रॉसी अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स के एक परमाणु और कूटनीतिक दिग्गज है।
  • उन्होंने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह का नेतृत्व किया, जो एक बहुराष्ट्रीय निर्यात नियंत्रण शासन है, और
  • वह परमाणु सुरक्षा पर कन्वेंशन और 2014 और 2016 के बीच ओपीसीडब्ल्यू के प्रमुख के लिए डिप्टी भी थे

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण का मुख्य उद्देश्य

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण का मुख्य उद्देश्य विश्व में परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है।

इतिहास

द्वितीय विश्वयुद्ध में अमेरिका द्वारा परमाणु शस्त्रों का उपयोग किए जाने के परिणामस्वरूप सम्पूर्ण विश्व में आरंभ हुई परमाणु शस्त्रों की होड़ ने सम्पूर्ण विश्व में भय की स्थिति उत्पन्न क्र दी जिसके फलस्वरूप 1957 में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण  की स्थापना की गई। 

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण  की उत्पत्ति 8 दिसंबर 1 9 53 को  संयुक्त राष्ट्र  महासभा में  यू.एस. राष्ट्रपति ईसेनहोवर के “शांति के लिए परमाणु” संबोधन से हुई। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण  परमाणु ऊर्जा के उपयोग से जुड़ा हुआ है। 

संरचना

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण  संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद को अपनी रिपोर्ट देती है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण की कुल सदस्य संख्या 168 ( 2016 तक) है। इस संस्था के मुख्यत: तीन अंग हैं-

राज्यपालों का बोर्ड अर्थात गवर्नर मंडल (बोर्ड ऑफ गर्वनर्स),

सामान्य सम्मेलन (जनरल कांफ्रेंस) और

सचिवालय (सेकेट्रेरिएट)

इस संस्था के तीन मुख्य कार्य  हैं-

सुरक्षा,

विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं

सुरक्षा व संपुष्टि।

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