मोहित शर्मा|
शाजापुर जिले के बोलाई गांव श्री सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर एक चमत्कारी मंदिर है.जहां हनुमान जी की प्रतिमा में विराजे हैं भगवान गणेश विश्व का एकमात्र मंदिर है. यहां दर्शन के लिए पूरे देश से लोग आते हैं. मंदिर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यहां हर शनिवार, मंगलवार और बुधवार को दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. और भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं.

600 साल पुराना है मंदिर

बताया जाता है कि ये मंदिर करीब 600 साल पुराना है. यहां स्थापित हनुमान प्रतिमा के बाजू पर श्री सिद्धि विनायक गणेशजी विराजित हैं. एक ही प्रतिमा में दोनों भगवान होने से ये प्रतिमा अत्यंत पवित्र, शुभ और फलदायी मानी जाती है.

मंदिर से जुड़े हैं कई चमत्कार

माना जाता है कि, यहां आने वाले लोगों को भविष्य की घटनाओं का पहले ही अंदाजा लग जाता है. इस मंदिर से कई चमत्कार जुड़े हुए हैं. इंही चमत्कारों के चलते अक्षय कुमार जैसे अभिनेता भी यहां पहुंच चुके हैं.

मंदिर का सबसे बड़ा चमत्कार यह है कि मंदिर के सामने से जब भी कोई भी ट्रेन निकलती है तो उसकी स्पीड अपने आप कम हो जाती है. ट्रेन के लोको पायलट ने बताया कि मंदिर आने के पहले ही अचानक उन्हें ऐसा लगता है मानो कोई उनसे ट्रेन की स्पीड कम करने के लिए कह रहा है. वहीं कोई ड्राइवर इसे नजरअंदाज करता है तो अपने आप ही ट्रेन की स्पीड कम हो जाती है.

ट्रेन में बम धमाके से जोड़ रहे भक्त

पिछले साल बम मिलने की घटना को भी मंदिर के चमत्कार से जोड़ा जा रहा है.जिसमें भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन के जनरल कोच में हल्का धमाका हुआ था. और आठ यात्री घायल हो गए. भक्तों का कहना है कि, भगवान की कृपा से बड़ा हादसा टल गया.

पुजारी बताते हैं कि, कुछ समय पहले रेलवे ट्रैक पर दो मालगाड़ी टकरा गईं थी. बाद में दोनों गाड़ियों के लोको पायलट ने बताया था कि, उन्हें घटना के कुछ देर पहले अनहोनी का अहसास हुआ था. उन्हें ऐसा लगा था मानो कोई ट्रेन की रफ्तार कम करने के लिए कह रहा था. उन्होंने स्पीड कम नहीं की औऱ इस कारण आमने-सामने की टक्कर हो गई थी.

श्रद्धालुओं ने कराया मंदिर का जीर्णोद्धार

मंदिर का जीर्णोद्धार 300 वर्ष पूर्व ठा. देवीसिंह ने करवाया था. यहां वर्ष 1959 में संत कमलनयन त्यागी ने अपने गृहस्थ जीवन को त्याग कर उक्त स्थान को अपनी तपोभूमि बनाया और यहां पर उन्होंने 24 वर्षों तक कड़ी तपस्या कर सिद्धियां प्राप्त की.

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