करणी सेना ने मानी भंसाली की बात,लेकिन स्क्रीनिंग की डेट नहीं भेजी

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[Bhopal today] राजपूत करणीसेना ने संजय लीला भंसाली के उस प्रस्ताव को मान लिया है जिसमें कहा था कि वह पहले पद्मावत देखे, उसके बाद फैसला ले. लेकिन एक शर्त भी रखी है.

कालवी ने कहा कि, उन्‍हे जो लेटर लिखकर स्‍क्रीनिंग के लिए बुलाया है उसमें स्‍क्रीनिंग की तारीख नहीं दर्ज है. ऐसे में उन्हे फिल्म चार  से पांच सालों में दिखाई जाएगी.उन्‍होंने कहा कि हम फि‍ल्‍म देखने जरूर जाएंगे.

वहीं करणी सेना ने कहा कि ये फिल्म जब तक हम नहीं देखते, तब तक न तो इसे देखने देंगे, न रिलीज होने देंगे. उधर, करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कल्वी ने कहा, 28 दिसंबर को सेंसर बोर्ड ने तीन इतिहासकार और जानकारों को ये फिल्म दिखाई दी, लेकिन तीनों ने कहा कि इसे बैन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि करणी सेना को 4 राज्यों के अलावा बाकी राज्यों ने भी बैन के लिए विचार किया है.

संगठन के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कल्वी ने गुरग्राम में कहा कि मूवी हॉल मैनेजर हमारे ‘जनता कर्फ्यू’ का सपोर्ट करें. सबसे पहले उन्‍हें तय करना होगा कि वो खिलजी हैं या पद्मावती? वो देश के साथ या फिर देश के खिलाफ. वो राम का साथ देंगे या फिर रावण का?
आपको बता दें की पद्मावत फिल्म का विऱोध पूरे में देखने को मिल रहा है. कई जगह करणी सेना ने चक्काजाम और सिनेमा हॉल को अपना निशाना बनाया है.
बता दें सुप्रीम कोर्ट के फिल्म से बैन हटाने के फैसले के बावजूद फिल्म की गुजरात और राजस्थान में स्क्रीनिंग रोक दी गई है. इन दोनों राज्यों के बाद अब इस फिल्म के विरोध में जुटी करणी सेना की विरोध की आग एनसीआर त‍क पहुंच चुकी है. वहीं आज इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.

 

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