किसानों के लिए खुशखबरी, कराएं भावांतर योजना में पंजीयन

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[भोपाल ]
गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन के साथ-साथ भावांतर भुगतान योजना के तहत चना, सरसों, मसूर तथा प्याज की फसल के लिए पंजीयन करा सकते हैं. इसके लिए पंजीयन की अवधि 1 फरवरी से 28 फरवरी 2018 तक है. फसल विक्रय पर भुगतान मॉडल विक्रय दर की गणना के अनुसार कि जाएगी. भावांतर की राशि किसान के बैंक खाते में सीधे जमा की जाएगी, जिसकी जानकारी मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी.
वहीं समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 15 जनवरी से आरंभ कर दिया गया है। पंजीयन की अंतिम तिथि 15 फरवरी निर्धारित की गई है। पंजीकृत किसानों से ही समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की जायेगी।
किसान पंजीयन कराने के लिए खरीदी केन्द्रों में अपनी ऋण पुस्तिका की  समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 15 जनवरी से आरंभ कर दिया गया है। पंजीयन की अंतिम तिथि 15 फरवरी निर्धारित की गई है। पंजीकृत किसानों से ही समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की जायेगी।
किसान पंजीयन कराने के लिए खरीदी केन्द्रों में अपनी ऋण पुस्तिका की प्रति, बैंक पास बुक की प्रति, समग्र आईडी, आधार कार्ड तथा मोबाइल नम्बर की जानकारी उपलब्ध करायें। जिस खसरा नम्बर में गेहूं बोया गया है, उसकी जानकारी अनिवार्य रूप से दें। किसान द्वारा दिये गये गेहूं के बोये गये क्षेत्रफल के अनुसार ही खरीदी की जायेगी। गेहूं खरीदी के लिए पंजीकृत किसान भी बोये गये क्षेत्रफल की जानकारी देकर पंजीयन में संशोधन करा सकते हैं। पंजीयन कराते समय सभी किसान राष्ट्रीयकृत बैंक अथवा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का ही खाता नम्बर दें। जिससे ऑनलाइन भुगतान समय पर किया जा सके।
पंजीयन के बाद गेहूं के क्षेत्रफल का सत्यापन आयुक्त भू-अभिलेख की वेबसाइट एवं गिरदावरी एप के माध्यम से की जायेगी। सत्यापित रकबे के अनुसार ही गेहूं की खरीद की जायेगी। किसानों का पंजीयन तथा पंजीयन में संशोधन नि:शुल्क किया जा रहा है। सभी किसान अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किये बिना गेहूं खरीदी के लिए नजदीकी खरीदी केन्द्रों में अपना पंजीयन करायें।बैंक पास बुक की प्रति, समग्र आईडी, आधार कार्ड तथा मोबाइल नम्बर की जानकारी उपलब्ध करायें। जिस खसरा नम्बर में गेहूं बोया गया है, उसकी जानकारी अनिवार्य रूप से दें। किसान द्वारा दिये गये गेहूं के बोये गये क्षेत्रफल के अनुसार ही खरीदी की जायेगी। गेहूं खरीदी के लिए पंजीकृत किसान भी बोये गये क्षेत्रफल की जानकारी देकर पंजीयन में संशोधन करा सकते हैं। पंजीयन कराते समय सभी किसान राष्ट्रीयकृत बैंक अथवा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का ही खाता नम्बर दें। जिससे ऑनलाइन भुगतान समय पर किया जा सके।
पंजीयन के बाद गेहूं के क्षेत्रफल का सत्यापन आयुक्त भू-अभिलेख की वेबसाइट एवं गिरदावरी एप के माध्यम से की जायेगी। सत्यापित रकबे के अनुसार ही गेहूं की खरीद की जायेगी। किसानों का पंजीयन तथा पंजीयन में संशोधन नि:शुल्क किया जा रहा है। सभी किसान अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किये बिना गेहूं खरीदी के लिए नजदीकी खरीदी केन्द्रों में अपना पंजीयन करायें.

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