भारत सहित पूरे विश्व में कोरोना बीमारी के कारण लाखों लोगों की नौकरियां चली गयीं हैं जिसके कारण लाखों लोग या तो अपने देश लौट आये हैं या फिर अपने गांव लौट आये हैं.इन्हें माइग्रेंट वर्कर्स कहा गया है.

इन लाखों लोगों में कई लोग स्किल्ड मजदूर थे और कई गैर स्किल्ड हैं. अब ये लोग अपने घरों में बैठकर रोजगार का इंतजार कर रहे हैं.

इसी दिशा में कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐसे डिजिटल प्लेटफोर्म की शरुआत की है जहाँ पर एम्प्लायर और एम्प्लोयी एक दूसरे से कांटेक्ट करके रोजगार के बारे में बातचीत कर सकते हैं. इसे असीम पोर्टल कहा गया है.आइये अब इसके बारे में और विस्तार से जानते हैं

ASEEM पोर्टल क्या है?

ASEEM’ एक ऐसा जॉब उपलब्ध कराने वाला डिजिटल प्लेटफोर्म है जहाँ पर रोजगार लेने वाला और रोजगार देने वाला दोनों एक दूसरे से कांटेक्ट कर सकते हैं. कुल मिलाकर यह उसी तरह का एक प्लेटफोर्म है जैसा कि भारत में प्राइवेट जॉब उपलब्ध कराने वाली कम्पनियाँ जैसे नौकरी डॉट कॉम, या टाइम्स जॉब डॉट कॉम उपलब्ध करातीं हैं.

इस पोर्टल का उद्येश्य कोरोना बीमारी के कारण घर या वतन को लौटे स्किल्ड और गैर स्किल्ड लोगों को एक डिजिटल माध्यम उपलब्ध करना है जहाँ पर वे अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी सर्च कर सकें.

ASEEM का फुल है; Aatamanirbhar Skilled Employee Employer Mapping (ASEEM). 

भारतीय राज्यों और विदेशी नागरिकों के श्रम प्रवासियों का डेटाबेस, जो वंदे भारत मिशन के तहत भारत लौटे और SWADES स्किल कार्ड भरे, इन सभी को ASEEM पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है.

इस प्रकार इस पोर्टल पर लाखों बेरोजगार प्रवासी श्रमिकों का डाटा होगा जो कि स्किल होंगे और अनस्किल्ड भी , इस पोर्टल के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को उनकी योग्यता के आधार पर उन्हें रोजगार प्रदान किया जाएगा.

अब तक ASEEM पोर्टल पर करीब 20 लाख स्किल्ड प्रवासी मजदूरों के बारे में पूरी जानकारी अपलोड की जा चुकी है.
‘असीम’ के तहत सरकार ने छह राज्यों के 116 जिलों की पहचान की है. इन जिलों में करीब 67 लाख प्रवासी मजदूर वापस आये हैं. इन 116 जिलों में बिहार के 32 जिले, उत्तर प्रदेश के 31, मध्य प्रदेश के 24, राजस्थान के 22, झारखंड के 3 और ओडिशा के 4 जिले शामिल हैं.

पोर्टल में तीन आईटी आधारित इंटरफेस हैं –

1. नियोक्ता पोर्टल – नियोक्ता ऑनबोर्डिंग, डिमांड एग्रीगेशन, उम्मीदवार चयन

2. डैशबोर्ड – रिपोर्ट, ट्रेंड, विश्लेषण और रोजगार की डिमांड और सप्लाई के बीच अंतराल को उजागर करें

3. उम्मीदवार आवेदन – उम्मीदवार का प्रोफ़ाइल बनाएं और नौकरी ट्रैक करें, नौकरी का सुझाव साझा करें 

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