वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआइ) से कोविड-19 से मुकाबले के लिए दो दवाओं- फेविपिरविर (favipiravir) और फाइटोफार्मास्युटिकल (phytopharmaceutical) के क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी मिल गई है. बताया जा रहा है कि यदि ट्रायल कामयाब रहा तो कोरोना के इलाज का रास्ता खुल जाएगा और सभी लोगों को इसका फायदा मिलेगा और सस्ते में दवा उपलब्ध हो पाएगी.

फेविपिरावीर के बारे में

फेविपिरावीर को फ्यूजीफिल्म टोयामा केमिकल लिमिटेड ने विकसित किया था और सामान्य इंफ्लुएंजा के लिए एक स्वीकृत उपचार है. इसका विपणन रूस, चीन तथा जापान में किया जाता है. फेविपिरावीर एक जेनरिक दवा है और इसे पहले से इंफ्लुएंजा के उपचार के लिए उपयोग किया जा रहा है. चीन, जापान और इटली जैसे कई देशों में इस दवा के जरिए कोविड-19 के इलाज के लिए परीक्षण चल रहा है. आईसीएमआर के संरक्षण में सिप्ला, सिप्लेंजा के रूप में उत्पाद के विपणन से पहले उपयुक्त सीमित परीक्षण कराएगी !

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