जानें भोपाल के बड़े तालाब का इतिहास
जानें भोपाल के बड़े तालाब का इतिहास

भोपाल [मोहम्मद मामून] 

हिन्दुस्तान के दिल में बसता है मध्यप्रदेश जिसे ह्दय प्रदेश के नाम से भी जाना जाता है. मध्यप्रदेश का दिल धड़कता है राजधानी भोपाल में, इसे पहले भोजपाल क नाम से भी जाना जाता है. जिसे अपर लेक या फिर बड़ा तालाब के नाम से भी जाना जाता है.

जानिये अपर लेक का इतिहास

अपर लेकर का निर्माण 11वीं सदी में परमार वंश के राजा भोज ने करवाया था. साथ ही इसकी एक कहावत प्रचलित है  “तालों में ताल भोपाल का ताल बाकी सब तलैया”, अर्थात् “यदि सही मायने में यदि कोई तालाब है तो वह है भोपाल का तालाब”.

अपर लेक का बेहद प्राचीन इतिहास है. इस जलाशय का इतिहास अनेक खट्टे-मीठे पहलुओं से भरा हुआ है. बताया जाता है कि, धार प्रदेश के प्रसिद्ध परमार राजा भोज एक बार SKIN DISEASES  से पीड़ित हो गए थे. और एक संत ने उन्हें सलाह दी थी कि, वे 365 स्त्रोतों वाला एक विशाल जलाशय बनाकर उसमें स्नान करें. तभी वह इस बीमारी से मुक्त हो पाएंगे.

इसके बाद राजा भोज ने ऐसे घाटों का पता लगाया. जो बेतवा नदी के मुहाने पर स्थित थे. लेकिन वहां तो केवल 356 सर-सरिताओं का पानी ही आता था. तब ‘कालिया’ नाम के एक गोंड मुखिया ने पास की एक नदी की जानकारी दी. जिसकी कई सहायक नदियां थीं.इन सबको मिलाकर संत के द्वारा बताई गई संख्या पूरी होती थी. इसी गोंड मुखिया के नाम पर इस नदी का नाम ‘कालियासोत’ रखा गया, जो आज कालियसोत डेम क नाम स जाना जाता है.

लेकिन राजा भोज की चुनौतियों अब भी कम नहीं हुईं. बेतवा नदी का पानी इस विशाल घाटी को भरने के लिए पर्याप्त नहीं था. इसलिए इस घाटी से लगभग 32 किलोमीटर पश्चिम में बह रही एक अन्य नदी को बेतवा घाटी की ओर मोड़ने के लिए एक बांध बनाया गया.यह बांध आज के भोपाल शहर के नजदीक भोजपुर में बना था.इन प्रयासों से जो विशाल जलाशय बना, उसका नाम ‘भोजपाला’ रखा गया.

जिसका विस्तार 65,000 हेक्टेयर था और कहीं-कहीं वह 30 मीटर गहरा था. यह प्रायद्वीपीय भारत का कदाचित सबसे बड़ा मानव-निर्मित जलाशय था. उसमें अनेक सुंदर द्वीप थे और उसके चारों ओर खुबसूरत पहाड़ियाँ थीं. वह प्रसिद्ध भोजपुर शिवालय से आज के भोपाल शहर तक फैला हूआ था. कहते हैं कि राजा भोज इस जलाशय में स्नान करके अपने रोग से मुक्त हो गए. राजा भोज द्वारा निर्मित विशाल जलाशय ‘भोजपाला’ की वजह से ही इस शहर का नाम धीरे-धीरे ‘भोजपाल’ और बाद में भोपाल हो गया.

देखिये वीडियो

 https://youtu.be/cHd8DvIAkso

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