डिजिलॉकर से रहेंगे जरूरी दस्तावेज सुरक्षित 

गूगल ड्राइव से भी बेहतर

भोपाल (सनव्वर सफी)

यूथ इन दिनों अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स को डिजिलॉकर जैसे यूनिक प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रख रहे और शायद इसलिए ही तेजी से पापुलर हो रहे इस शेयरिंग और सेविंग प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रही है। युवाओं के मुताबिक डिजिटल लॉकर एक बढिय़ा सेविंग प्लेटफॉर्म है। जिस पर हम अपने जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रख सकते हैं। डिजिलॉकर के जरिए युवा अपने दस्तावेजों को पूरी तरह गोपनीय रख सकते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म के प्रति युवाओं में काफी क्रेज है। मेल या किसी सोशल प्लेटफॉर्म पर दस्तावेजों को सुरक्षित रखने का यह एक प्रभावी प्लेटफॉर्म बन चुका है।

लाखों यूजर्स यूज कर रहे इन प्लेटफॉर्म का

एक्सपर्ट बताते हैं कि युवाओं के लिए दस्तावेज सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। अपने डेटा और दस्तावेजों को पेन ड्राइव में सुरक्षित रखना पड़ता है, लेकिन इंटरनेट पर डेटा सेव रखना अभी भी परेशानी भरा है। आमतौर पर गूगल जैसी कंपनियां यूजर्स को फ्री डेटा सेव करने के लिए बड़ी स्पेस देती हैं। एक-दूसरे से शेयरिंग और सेविंग करने का क्रांतिकारी प्लेटफॉर्म अपनी पैठ तेजी से बढ़ा रहा है। यह क्लाउड कम्प्यूटिंग पर काम करता है। प्लेटफॉर्म पर कई सेविंग फीचर्स हैं। इनकी मदद से डाक्यूमेंट्स को सुरक्षित रखा जा सकता है। इन्हीं खूबियों की वजह से लाखों यूजर्स इन दिनों इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बेहतर है डिजिलॉकर

डिजिलॉकर के जरिए पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, शिक्षा प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, संपत्ति कर रसीदें, आय कर रिटर्न जैसे कई सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जा सकता है। किसी सरकारी नौकरी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस में अप्लाई करने के लिए कई बार सभी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। हार्ड कॉपी को बार-बार सुरक्षित रखना एक परेशानी बन सकता है। साथ ही किसी समय कौन-सा डॉक्यूमेंट्स काम में आ जाए यह कहा नहीं जा सकता है। डिजिलॉकर के जरिए परिवार के लोग भी इसे एक्सेस कर सकते हैं।

गूगल ड्राइव से भी बेहतर

एक्सपर्ट फिरोज खान बताते हैं कि पेपरलेस होने के साथ यह प्लेटफॉर्म, गूगल ड्राइव और ड्रॉप बॉक्स की तरह सेवाएं दे सकता है। इसका फ्री क्लाउड स्टोरेज के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। आमतौर पर गूगल ड्राइव और ड्रॉप बॉक्स विदेशी नियमों के द्वारा संचालित किए जाते हैं। जिनमें आईटी अधिनियम के द्वारा सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती है, इसलिए भारत सरकार ने सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने और पर्सनल क्लाउड स्टोरेज सर्विस के लिए इसे लॉन्च किया है।

10 एमबी का फ्री स्पेस

डिजिटल लॉकर सिस्टम को भारत सरकार ने पर्सनल ऑनलाइन डॉक्यूमेंट स्टोरेज सुविधा के लिए लॉन्च किया है। जिसमें करीब 10 एमबी तक पर्सनल स्टोरेज स्पेस दी जाती है। इसमें पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, एजुकेशनल सर्टिफिकेट को अपलोड कर रखा जा सकता है। दस्तावेजों को सेल्फ  ऐटेस्टेड कर रख सकते हैं।

सरकारी और गैर सरकारी कामों में भी बढ़ रही है उपयोगिता

एक्सपर्ट बताते हैं कि इन दिनों सभी सरकारी और निजी सुविधाओं को आधारकार्ड से जोडऩे की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी तरह डिजिलॉकर भी एक बड़ा प्लेटफार्म है। किसी सरकारी नौकरी के लिए या पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कई दस्तावेज इसी प्लेटफार्म से सीधे लिए जा सकते हैं। यह एक लाइफ टाइम डूइंग प्रोसेस है। सभी दस्तावेजों को एक साथ नहीं ले जाना पड़ेगा। सरकारी एजेंसियां भी डिजिटल डॉक्यूमेंट की डिमांड करने लगी हैं। ऐसे में आने वाले समय में सरकारी और गैर सरकारी कामों के लिए भी डिजिटल लॉकर की उपयोगिता बढ़ेगी। इससे कई खर्चों को कम भी किया जा सकेगा। साथ ही हर समय दस्तावेज उपलब्ध और सुरक्षित रहेंगे।

इस प्रोसेस से करें अपलोड

डिजिलॉकर का उपयोग करने के लिए सबसे पहले साइनअप या रजिस्टर करना होगा। इसमें आधार नंबर और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन होगा। वनटाइम पासवर्ड से डिजिलॉकर में जाया जा सकता है। इसके लिए ओटीपी की जरूरत नहीं होगी। इसमें खुद पासवर्ड बनाया जा सकता है। इसे गूगल और फेसबुक से भी लॉग-इन किया जा सकेगा। साइन अप करने के बाद जरूरी सरकारी दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं।

यहां से करें एप डाउनलोड

डिजिलॉकर एप को गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। एप संचालन में आधार और मोबाइल फोन की जरूरत होगी जो वैलिड होना चाहिए।

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