धरती पर एक दिन सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंचे तो क्या होगा ? जानिये सूर्य की थ्योरी

सौरमंडल के कुल वजन का 99.24% वजन सूर्य का वजन है

0
213

ब्रह्मांड में अनगिनत तारे है और जिनमें से एक तारा सूर्य है जो की हमारे सौर मंडल के मध्य में स्थित है.सूर्य के बिना पृथ्वी की कल्पना करना भी मुश्किल है, अगर सूर्य नहीं हो तो पृथ्वी पर पेड़ पौधे, और पशु आदि का कोई अस्तित्व नहीं रहा जाता है. पेड़ पौधे और जीव जंतुओं को सूर्य से ऊर्जा मिलती है. जिससे इनका जीवन यापन होता है.

आइये जानते हैं सूर्य के बारे में कुछ हैरान कर देने वाली जानकारियां

सूर्य की उत्पत्ति आज से करीब 4.6 बिलियन साल पहले हुई थी. सूर्य हाइड्रोजन और हिलियम गैस से बना है

सौरमंडल के कुल वजन का 99.24% वजन सूर्य का वजन है.

जिस तरह पृथ्वी पर मौसम बदलता है वैसे ही सूर्य पर भी मौसम बदलता रहता है.

सूर्य और पृथ्वी की दूरी करीब 150 लाख किलोमीटर है. लेकिन सूर्य का प्रकाश धरती तक पहुंचने में 8 मिनट और 20 सेकंड का समय लगता है.

सयू का व्यास 1,391,400 किमी है जो धरती के व्यास से 109 गुना ज्यादा है.

सूर्य के बाहर की सतह का तापमान करीब 5500 डिग्री सेलसियस होता है.जबक इसक आंतरिक सतह का तापमान करिब 1 करोड़ 30 लाख डिग्री सेलसियस तक होता है.

संस्कृत में सूर्य के 108 नाम हैं.

सूर्य का आकार इतना बड़ा है कि, अगर इसे खोखला कर दिया जाए. तो इसमें करीब 103 मिलियन धरती समा सकती है.

अगर एक दिन के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर न पहुंचे तो पृथ्वी बर्फ की तरह जम जाएगी.

वैज्ञानिकों के के अनुसार आज से करीब 7अरब 70 करोड़ साल बाद सूर्य का आकार 200 गुना बड़ जाएगा और ये एक लाल दानव का रुप ले लेगा

पृथ्वी पर हर साल अधिकतम 5 बार सूर्य ग्रहण लगता है. सूर्य और धरती के बीच चंद्रमा आ जाने को सूर्य ग्रहण कहा जाता है और यह स्थिति अधिकतम 20 मिनट तक रह सकती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here