पहले थे घातक, अब हो गए सरकार साधक !

राज्यमंत्री बनाने पर बदले बाबाओं के सुर

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मध्य प्रदेश सरकार ने पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है. उनमें नर्मदानंद, हरिहरानंद, कम्प्यूटर बाबा, भैय्यू महाराज और पंडित योगेंद्र महंत को शामिल किया गया है. इन सभी को सरकार से राज्यमंत्री का दर्जा मिलेगा.

राज्यमंत्री के रुप में कई सरकारी सुविधाओं का मिलेंगा लाभ

  • 7 हजार 500 रुपये हर महीने का वेतन मिलेगा.

  • गाड़ी और 1 हजार किमी का डीजल मिलेगा.

  • 15 हजार रुपये मकान का किराया मिलेगा.

  • 3 हजार रुपये सत्कार भत्ता मिलेगा.

  • स्टाफ मिलेगा, अपना पीए भी रख सकते हैं.

बाबाओं ने सरकार के नर्मदा सेवा यात्रा को लेकर सवाल उठाएं थे. साथ ही एक दिन में करोड़ों पौधे लगाने को लेकर भी सरकार के खिलाफ नर्मदा ‘घोटाला रथ यात्रा’ निकालने वाले थे लेकिन सरकार के राज्यमंत्री बनाते ही इनके सुरों में मधुरता आ गई है. और ये सरकार के खिलाफ जहर की जगह अमृत उगल रहे हैं.

अब घोटालों के बजाए जनजागरण, हरियाली बढ़ाने और नर्मदा के बहाव बढ़ाने जैसे मुद्दे का जिक्र कर रहे हैं.

दरअसल  मध्यप्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए एक विशेष समिति बनाई है. इसमें पांच संत सदस्य है और सभी को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है. जिसमें शासन ने प्रदेश के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों विशेष रूप से नर्मदा के किनारे पौधरोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए यह विशेष समिति बनाई है.

बता दें कि, बाबाओं की प्रदेश व्यापी नर्मदा घोटाला रथ यात्रा 1 अप्रेल से 15 मई तक निकाली जानी थी. जिसमें नर्मदा नदी में हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने, पर्यावरण को बचाने और गौमाता को बचाने के लिए रथ यात्रा निकाली जानी थी. रथ यात्रा में संपूर्ण साधू को आने का आवह्रान किया था.

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