पीएम मोदी ने शिव को बनाया कृषि और मनरेगा समिति का अध्यक्ष

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नई दिल्ली में नीति आयोग की कार्यकारी परिषद की बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रधानमंत्री ने मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्‍यक्षता में 7 मुख्‍यमंत्रियों की एक समिति बनाने की बात की जो कृषि और मनरेगा के बारे में समन्वित नीति संबंधी सुझाव देगी. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, पिछले वर्षों में जनसंख्या में वृद्धि वाले राज्यों के विभिन्न योजनाओं के केन्द्रांश और राज्य को मिलने वाली केन्द्रीय सहायता में जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में वृद्धि की जाए.
वहीं शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में कहा कि, मध्यप्रदेश ने पिछले वर्षों में अपने हरित आवरण को बरकरार रखने के साथ ही उसे बढ़ाने के लिये उल्लेखनीय प्रयास विकास की कीमत पर किए हैं. साथ ही उन्होंने मांग की है कि, मध्यप्रदेश को इसके लिये ग्रीन बोनस के रूप में अतिरिक्त राशि दी जाए, जिससे  राज्य के त्वरित और सर्वांगीण विकास को गति दी जा सके.

साथ ही बैठक में प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की भी चर्चा की और राज्यों से सभी चुनावों के लिए एक समान मतदाता सूची पर विचार करने को कहा है.
पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि, सरकार के कार्यक्रम गिने-चुने लोगों या कुछ क्षेत्रों मात्र तक सीमित नहीं है और वे बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों तक पहुंच रहे हैं. मोदी ने कहा कि अब देश के सभी गावों में बिजली पहुंचा दी गई है. उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना के अंतर्गत चार करोड़ परिवारों को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं. पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा कि, वे गरीबों के कल्याण की योजनाओं के शत्-प्रतिशत कार्यान्वयन का लक्ष्य हासिल करने में अपना योगदान करें.
पीएम मोदी ने देश के सभी 115 आकांक्षी जिलों के 45 हजार अतिरिक्त गांवों में सात प्रमुख योजनाओं की कवरेज इस वर्ष 15 अगस्‍त तक उपलब्ध कराने की एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है.
पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की पूरे विश्‍व में चर्चा की जा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में सात करोड़ सत्तर लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है. आर्थिक परिदृश्य के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की अपेक्षा है कि भारत शीघ्र पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था वाला देश बने।
नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि, राज्‍यों को साइमलटेनियस इलेक्‍शन पर सोचना चाहिए और कम से कम शुरूआत इस चीज से करना चाहिए कि, क्‍या हम लोग एक यूनिफार्म वोटर लिस्‍ट तो बना सकते हैं, उसी से बहुत बड़ी बचत हो जायेगी कि, सारे सालभर, हर समय वो चुनाव की सरगर्मी रहे उससे वो विकास हो जितना एटेंशन होना चाहिए वो हम नहीं दे पाते हैं.

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