भारत 2018 में सबसे तेजी से उभरने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था-IMF

वैश्विक विकास में विश्व में भारत का 60 फीसदी योगदान

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत को 2018 में सबसे तेजी से उभरने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया है. इससे पहले आईएमएफ ने आर्थिक वृद्धि दर 2019 में सात दशमलव चार प्रतिशत(7.4%) से बढ़कर सात दशमलव आठ प्रतिशत(7.8%) रहने का अनुमान व्यक्त किया है. भारत के बाद बांग्लादेश को दक्षिण एशिया में दूसरा सबसे तेजी से आर्थिक विकास करने वाला देश बताया गया है, जहां की संवृद्धि दर 2018 और 2019 में सात फीसदी रह सकती है. इसके बाद श्रीलंका की आर्थिक संवृद्धि दर 2018में चार फीसदी और 2019 में 4.5 फीसदी रहने की उम्मीद है. पाकिस्तान को मध्य-पूर्व के देशों के समूह में रखा गया है और इसे एशिया की रपट में शामिल नहीं किया गया है.
आईएमएफ की एशिया और प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक दृष्टिकोण रिपोर्ट में कहा गया है कि, भारत नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर (GST) के शुरूआती प्रभावों से उबर चुका है.
रिपोर्ट में मध्यावधि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति के नियंत्रण में और रिजर्व बैंक के चार प्रतिशत मुद्रास्फीति के लक्ष्य के आसपास रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है. इसमें कहा गया है कि, 2017 में उपभोक्ता मूल्य वृद्धि दर तीन दशमलव छह प्रतिशत थी. जबकि इसके 2018 और 2019 में पांच प्रतिशत रहने का अनुमान है.
बता दें कि, एशिया दुनिया में सबसे तीव्र आर्थिक विकास वाला क्षेत्र होने के साथ-साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में शुमार है. वैश्विक विकास में 60 फीसदी योगदान इसी क्षेत्र का है, जिसमें भारत और चीन की हिस्सेदारी तीन-चौथाई है. चीन की आर्थिक संवृद्धि दर 2018 में 6.6 फीसदी और 2019 में 6.4 फीसदी रहने का अनुमान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वित्तीय प्रोत्साहन से एशिया के निर्यात व निवेश को सहारा मिलेगा. रिपोर्ट के अनुसार एशियाई क्षेत्र की विकास दर 2018 और 2019 में 5.6 फीसदी रह सकती है.
रिपोर्ट में आईएमएफ(IMF) ने कहा, भारत में महंगाई दर की सूरत में मौद्रिक नीति में सख्ती बरती जानी चाहिए. आईएमएफ ने कहा है कि, 2017 में उपभोक्ता मूल्य में 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और 2018 और 2019 में इसके पांच फीसदी रहने का अनुमान है.

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