मप्र के इस स्कूल की कहानी कुछ अलग है,अनुशासन का पाठ पढ़ा रहा है स्कूल

0
143
सिलवानी | प्रदेश में सरकारी स्कूलों की दुर्दशा की खबरें तो आपने सुनी होंगी लेकिन सिलवानी के पट्ठा के स्कूल की बात ही अलग है. रायसेन जिले के इस स्कूल के बारे में जानकर सरकारी स्कूलों के प्रति आपका नजरिया बदल जायेगा.
ग्राम पठा का शासकीय माध्यमिक स्कूल बोर्डिंग स्कूल को भी मात दे रहा है यहां पर नियमित कक्षाएं तो लगती हैं साथ ही खेलकूद और विभिन्न तरह की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती है. छात्र-छात्राएं स्कूल में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देते हैं और स्वच्छता के मामले में यह स्कूल पूरे जिले में अव्वल है.
यहां के बच्चे संस्कारी, अनुशासित और मेघावी है. स्कूल का समय सुबह 10:30 बजे से 4:30 तक का है. स्कूल में हर शनिवार को बालसभा का आयोजन किया जाता है. जिसमें छात्रों के टैलेंट को परखा जाता है. साथ ही स्कूल में खेलों को भी महत्व दिया जाता है.
संस्था में नियमों के पालन के साथ साथ पढ़ाई और खेल पर विशेष ध्यान दिया जाता है. बच्चों में नियमितता शत प्रतिशत  है जो अन्य संस्थाओं में देखने को नहीं मिलती संस्था पूर्ण रूप से स्वस्थ और साफ-सुथरी और सौंदर्यकृत है और मध्यान्ह भोजन मीनू अनुसार दिया जाता है. बच्चों को बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था है. साथ ही बच्चों के पढ़ाई का स्तर भी बहुत अच्छा है जो अन्य स्कूलों से इसे अलग बनाता हैं.
स्कूल की प्रधानाचार्य रामदयाल रघुवंशी द्वारा छात्र-छात्राओं को स्वच्छता के बारे में पाठ पढ़ाया जाता है प्रधानाचार्य के अथक प्रयासों की वजह से स्कूल शिक्षा के मापदंडो में सबसे आगे है. रामदयाल रघुवंशी ने बताया कि, स्कूल में बच्चों को नैतिक शिक्षा का भी पाढ़ पढ़ाया जाता है. जहां छात्रों को अलग ही वातावरण प्रदान किया जाता है.

 

साफ सफाई के अलावा स्कूल का रिजल्ट भी 100 प्रतिशत रहता है,पढ़ाई में बेहतर होने के साथ साथ इस स्कूल के बच्चों ने अपने गाँव को पूर्णतः नशामुक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है. शिक्षा विभाग के आला अधिकारी इस स्कूल को मॉडल स्कूल बताते हैं.
सभी शिक्षित हो बनें देश का “सहारा”।
बेइमानों को अब न मिले यहाँ चारा।।
सब पढ़ें, सब बढ़ें, ये कर रही इशारा
देश है हमारा न रहेगा गवारा।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here