महिला शक्ति ही ‘सर्वशक्ति, मन की बात कार्यक्रम में मोदी की बड़ी बातें

[Bhopaltoday]

पीएम मोदी की ‘मन की बात’ का 40वां संस्करण महिला सशक्तिकरण पर आधारित रहा. साल के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में महिलाओं के सम्मान और उनके समाज में स्थान की चर्चा की. और कहा कि, आज महिलाएं हर क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि, इस वर्ष गणतंत्रदिवस बहुत ही उत्साह के साथ मनाया गया और इतिहास में पहली बार 10 देशों के मुखिया इस समारोह में शामिल हुए.

क्या कहा पीएम मोदी ने-

उन्होंने कहा कि, यह अत्यंत दुःख की बात है कि, हमने कल्पना चावला को इतनी कम उम्र में खो दिया लेकिन वह पूरे विश्व में, ख़ासकर भारत की हज़ारों लड़कियों को यह संदेश दिया कि, नारी-शक्ति के लिए कोई सीमा नहीं है.

प्राचीन काल से हमारे देश में महिलाओं का सम्मान, उनका समाज में स्थान और उनका योगदान, यह पूरी दुनिया को अचंभित करता आया है.आज कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां सबसे पहले, हमारी नारी-शक्ति कुछ करके दिखा रही है और  एक Milestone स्थापित कर रही है.

उन्होंने कहा, पिछले दिनों राष्ट्रपति कोविंद ने महिलाओं के एक समूह से मुलाकात की. जिन्होंने समाज की रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की.

मुम्बई का माटुंगा स्टेशन भारत का ऐसा पहला स्टेशन है जहां सारी महिला कर्मचारी है, जहां 40 से भी अधिक महिलाओं का स्टाफ है

उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ के माओवाद-प्रभावित क्षेत्र जहां हिंसा से माओवादियों ने एक भयानक वातावरण पैदा किया हुआ है, ऐसे ख़तरनाक इलाक़े में आदिवासी महिलाएं,  ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं.गणतंत्रदिवस पर BSF बाइकर कंजेंटेंट की महिलाओं द्वारा किया गया साहसपूर्ण प्रयोग, विदेश से आये हुए मेहमानों को भी आश्चर्यचकित कर रहा था.हमारे समाज की विशेषता है कि, आत्मसुधार करने का निरंतर प्रयास, ये भारतीय परम्परा, ये हमारी संस्कृति हमें विरासत में मिली है.

साथ ही उन्होंने कहा कि, बिहार में एक रोचक पहल की गयी, राज्य में सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने के लिए 13 हज़ार से अधिक किलोमीटर की विश्व की सबसे लम्बी मानव-श्रृंखला बनाई गई. प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना का उद्देश्य बताते हुए कहा कि, देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को गुणवत्ता पूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो.

मोरना नदी के स्वच्छता आंदोलन को जन आंदोलन बनाने में जुटे लोगों को पीएम मोदी ने बधाई दी. और पीएम मोदी ने कहा कि, पुरस्कार देने के लिए व्यक्ति की पहचान नहीं, उसके काम का महत्व बढ़ रहा है और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाने से पारदर्शिता आ गई है.

उन्होंने कहा कि, अरविन्द गुप्ता को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है जो पिछले चार दशकों से कचरे से खिलौने बना रहे हैं ताकि बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ा सकें. पीएम मोदी ने कहा कि, वन औषधियों की मदद से विष पीड़ितों का उपचार करने वाली केरल की 75 वर्षीय लक्ष्मी कुट्टी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया. कर्नाटक के बेलागवी में ‘सितावा जोद्दती’ जिन्होंने अनगिनत महिलाओं के जीवन को बदलने में महान योगदान दिया है, उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है.

पीएम मोदी ने कहा कि, पारंपरिक आदिवासी चित्रकला से विदेशों में भारत का नाम रोशन करने वाले भज्जू श्याम को पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया.पीएम मोदी ने कहा कि, सुभासिनी मिस्त्री को पद्मश्री से सम्मानित किया गया जिन्होंने अस्पताल बनाने के लिए दूसरों के घरों में बर्तन मांजे, सब्जी बेची.समाज के लिए जीने वाले, किसी न किसी विशेषता को ले करके जीवन भर कार्य करने वाले लक्षावधि लोगों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए.

9 जनवरी के दिन महत्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे, हर वर्ष इस दिवस को हम प्रवासी भारतीय दिवस के तौर मनाते हैं.पीएम ने कहा कि, शांति और अहिंसा का रास्ता ही महात्मा गांधी का रास्ता है, चाहे भारत हो या दुनिया हो, व्यक्ति हो, परिवार हो या समाज हो, महात्मा गांधी द्वारा बतायी गयी बातें आज भी प्रासंगिक हैं.

इस वर्ष प्रवासी भारतीय दिवस पर हमने विश्व भर में रह रहे भारतीय-मूल के सभी सांसदों को और मेयरों को आमंत्रित किया था.वहीं उन्होंने कहा कि, यूरोपीय संघ ने कैलेंडर भेजा है जिसमें यूरोप के विभिन्न देशों में रह रहे भारतीयों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदानों को दर्शाया है.

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