मुस्लिम देश में हिंदू संस्कृति ऐसी कि, हिंदूओं को शर्म आ जाए !

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के दौर पर हैं. इंडोनेशिया सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश कहा जाता है. लेकिन सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि, यहां हिन्दू संस्कृति का भी उतना ही बोलबाला है. जितना भारत में होता है. यहां भारत के बराबर ही रामायण और महाभारत की झलक हर जगह देखने को मिल जाएगी. जकार्ता में भगवान गणेश से लेकर हनुमान तक यहां सबके मंदिर आपको मिल जाएंगे. जर्काता स्क्वेयर पर लगीं कृष्णा और अर्जुन की मूर्तियां खासी मशहूर हैं. इंडोनेशिया में आपको मुस्लिम कम्युनिटी के लोग हिन्दू मंदिरों में रामायण का मंचन करते दिख जाएंगे.

इंडोनेशिया में आपको ऐसे लोग भी मिल जाएगे जो रमजान के दिनों में दिनभर रोजा रखते हैं और शाम को हिंदू मंदिर पहुंच जाते हैं. कुछ लोग रामायण का मंचन करते हैं और माता सीता और राम के किरदार निभाते हैं.वहां के मुसलमानों का कहना है कि, हम सिर्फ मुस्लिम नहीं है. हम जावा के लोग हैं. यहां हम हिन्दू और बौद्ध धर्म से जुड़ी चीजों सीखते हैं. इंडोनेशिया में आधिकारिक तौर पर छह धर्मों को मान्यता है, जिसमें से एक हिन्दू धर्म है.

इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति के फेक्ट

इंडोनेशिया में हिन्दू धर्म की शुरुआत 5वीं सदी में हो गई थी.

भारत और इंडोनेशिया के बीच ईसा के जन्म के पहले से व्यापार चल रहा है

दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक समानता दिखती है.

हिन्दू धर्म यहां की संस्कृति में रचा बसा है, हालांकि, देश में सिर्फ हिन्दू आबादी 2 फीसदी से भी कम है.

इंडोनेशिया का योज्ञकर्ता (जोगजकार्ता) जिसका अर्थ है अयोध्या, यहां 9वीं सदी में बना ब्रम्हा विष्णु महेश का अद्भुत मंदिर है.

माना जाता है कि, जावा का इस्लाम बहुत मिश्रित किस्म का है. यहां रहने वाले मुस्लिम हिन्दू धर्म से प्रभावित हैं.

13वीं सदी के आखिर में पूर्वी जावा में हिन्दू मजापहित साम्राज्य की स्थापना हुई, इस दौर में हिन्दू और बौद्ध धर्म का जिस क्षेत्र में विस्तार हुआ, वो आज इंडोनेशिया है.

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