राष्ट्रीय एकता दिवस – कब और क्यों मनाया जाता है ?

राष्ट्रीय एकता दिवस – 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा ! 31 अक्टूबर को सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती है ! सरदार बल्लभ भाई पटेल जिन्होंने हमारे देश को एकता के सूत्र में बाँधा एवं 562 रियासतों का एकीकरण किया ! सरदार पटेल को लौहपुरुष के नाम से भी जाना जाता है ! उनको सम्मान देने के लिए सरकार ने 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाये जाने की घोषणा की है ! वे स्वतंत्र भारत के पहले उप प्रधानमंत्री रहे !

लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल के बारे में —

जन्म : 31 अक्टूबर 1875

मृत्यु : 15 दिसंबर 1950

भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा काल में ही उन्होंने एक ऐसे अध्यापक के विरुद्ध आंदोलन खड़ाकर उन्हें सही मार्ग दिखाया जो अपने ही व्यापारिक संस्थान से पुस्तकें क्रय करने के लिए छात्रों के बाध्य करते थे।

नेहरू सरकार में उप-प्रधानमंत्री एवं ग्रह मंत्री – सितंबर, 1946 में जब नेहरू जी की अस्थाई राष्ट्रीय सराकर बनी तो सरदार पटेल को गृहमंत्री नियुक्त किया गया। एवं जब देश आजाद हुआ तो वह देश के पहले ग्रह मंत्री एवं उप प्रधानमंत्री बने

विभाजन के विषय मे मत – जहरवाद फैलने से पूर्व गले-से अंग को ऑपरेशन कर कटवा देना चाहिए !

चीन के विषय में मत – जब चीन के प्रधानमंत्री चाऊ एन लाई ने नेहरू को पत्र लिखा कि वे तिब्बत को चीन का अंग मान लें तो पटेल ने नेहरू से आग्रह किया कि वे तिब्बत पर चीन का प्रभुत्व कतई न स्वीकारें अन्यथा चीन भारत के लिए खतरनाक सिद्ध होगा। नेहरू नहीं माने बस इसी भूल के कारण हमें चीन से पिटना पड़ा और चीन ने हमारी सीमा की 40 हजार वर्ग गज भूमि पर कब्जा कर लिया।

लौहपुरुष – आपकी सेवाओं, दृढ़ता व कार्यक्षमता के कारण ही आपको लौहपुरुष कहा जाता है।

रियासतों का एकीकरण – ज्ञातव्य है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने ज्वलंत प्रश्न था कि छोटी-बड़ी 562 रियायतों को भारतीय संघ में कैसे समाहित किया जाए। जब इस जटिल कार्य को जिस महापुरुष ने निहायत सादगी तथा शालीनता से सुलझाया, वे थे आधुनिक राष्ट्र निर्माता लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल। जूनागढ , हैैैदराबाद का एकीकरण

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा statue of Unity

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के प्रथम उप प्रधानमन्त्री तथा प्रथम गृहमन्त्री वल्लभभाई पटेल को समर्पित एक स्मारक है, जो भारतीय राज्य गुजरात में स्थित है। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2013 को सरदार पटेल के जन्मदिवस के मौके पर इस विशालकाय मूर्ति के निर्माण का शिलान्यास किया था। यह स्मारक सरदार सरोवर बांध से 3.2 किमी की दूरी पर साधू बेट नामक स्थान पर है जो कि नर्मदा नदी पर एक टापू है। यह स्थान भारतीय राज्य गुजरात के भरुच के निकट नर्मदा जिले में स्थित है

यह विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति है, जिसकी लम्बाई 182 मीटर (597 फीट) है। इसके बाद विश्व की दूसरी सबसे ऊँची मूर्ति चीन में स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध है, जिसकी आधार के साथ कुल ऊंचाई 208 मीटर (682 फीट) हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here