भारत को ऐसा प्रधानमंत्री कतई नहीं चाहिए !

जाने उनका ‘सी’ कनेक्शन

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(व्यंग्य) अगर राहुल गांधी को NCC के सर्टिफिकेट के बारे में नहीं पता तो इस बारे में इतना हल्ला क्यों. सही भी हर किसी को सबकुछ पता हो ये जरुरी नहीं .
राहुल गांधी ने अपनी ईमानदारी दिखाते हुए उसी छात्रा से कहा कि, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं, ये NCC का C सर्टिफिकेट क्या है? वाकई ये राहुल गांधी की सच्ची ईमानदारी है. जिसमें वह ट्रोल हो गए.
लेकिन राहुल ने यहां अच्छा काम किया. अब राहुल गांधी को ‘ये जवानी है दीवानी; फिल्म का ये डायलॉग च्वनप्राश की तरह काम करेगा. जिसमें रणवीर कपूर कहते हैं कि, ‘मैं उड़ना चाहता हूं , दौड़ना चाहता हूं, गिरना भी चाहता हूं.. बस रुकना नहीं चाहता’. राहुल की सोच अगर ऐसी ही रही तो वे इस वाक्ये को पॉजिटिव ही लेंगे. और आगे ही बढ़ेंगे.
सोचने में ये भी आता है कि, राहुल गांधी किसी पंचायत के सरपंच तो है नहीं, वो तो कांग्रेस के सर्वेसर्वा है और वो तो यूथ के नेता है और उनको रिप्रेजेंट करने वाले हैं ! फिर जब उनको इस बारे में जानकारी नहीं है तो फिर सवाल और हल्ला तो होना ही था.
राहुल गांधी के साथ ये किस्सा कुछ नया नहीं है. इससे पहले भी राहुल गांधी गुजरात चुनाव के समय लेडीज वॉशरुम में घुसने से बच गए थे. वहां भी वह ट्रोल हुए थे. इसमें राहुल गांधी की गलती नहीं है. बल्कि राहुल की टीम की गलती है.कहने वाली बात तो ये है कि, राहुल का ‘She’ कनेक्शन हमेशा से रहा है. इससे पहले ‘she’ वॉशरुम और अब C सर्टिफिकेट आ गया.
सोचिये जब राहुल को गुजराती आती ही नहीं तो वह कैसे समझ सकते थे…खैर वहां साइन लैंग्वेज का बोर्ड भी नहीं लगा था. और राहुल गलती से मिस्टेक कर बैठे थे.
बात ये भी है कि, कभी भी कोई अपने घर में ट्रोल नहीं होता क्योंकि उसे सब पता होता है. अब राहुल या तो देश के कल्चर से वाकिफ नहीं है या देश पर उन्हें और रिसर्च करने की जरुरत है और अपनी टीम को मजबूत करने की भी.
बड़ा सवाल ये है कि, अगर राहुल गांधी इसी तरह से ट्रोल होते रहे तो वे अपनी जिम्मेदारी कैसे निभाएंगे. और उन पर तो पूरी कांग्रेस की जिम्मेदारी है. राहुल के GK से राहुल गांधी और कांग्रेस पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि, जब राहुल का GK इतना बेहतर (कमजोर) हो सकता है तो सोचिये देश का विकास कितना बेहतर होगा ?

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