युवा शीर्षेंदु भारद्वाज ने भारतीय मीडिया को आभार व्यक्त करते हुए कहा कि असत्य को भीड़ कि जरूरत होती है,सत्य को नहीं। उन्होंने कहा कि सत्य यह है कि इवेंट्स के नाम पर पैसों के लिए धोखा होता है पर पत्रकारिता सत्य को कुचलने नहीं देती।

वह आगामी इवेंट्स में लोगों को भारत के 99000 पब्लिकेशन,14000 अख़बार,400 न्युज चैनल की ताकत से अवगत करायेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी पत्रकारिता के वर्चस्व को जल्द ही भारतीय पत्रकारिता कुचल देगा। इसी डर से हमारे स्वदेशी पत्रकारों को छद्म युद्ध का शिकार होना पड़ सकता है।

हमें भारतीय पत्रकारिता का सहयोग करना होगा क्योंकि यह ग्लोबल न्युज सोर्स का कैपिटल बनने वाली है जिसके खिलाफ भी प्रोक्सी वार चल रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि, हमें हमारी सेना के साथ साथ पत्रकारिता को भी सहयोग देना है जो भारत विरोधी ताकतों को भयभीत करते हैं।

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