सरकार ने पर्यटन को बढावा देने के लिए उठाया ये बड़ा कदम

Tourism का हब बनेगा मध्यप्रदेश

0
106

भोपाल | मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘टूरिज्म बोर्ड’का गठन किया है जिससे प्रदेश में पर्यटन का विस्तार होगा और इन्वेस्टर्स प्रदेश में निवेश करेंगे. और पर्यटन का विकास तेजी से होगा.

144 स्थानों को चुना गया

बोर्ड द्वारा अब तक पर्यटन विभाग के लिए 49 जिलों के 144 स्थानों पर 849.77 हेक्टेयर सरकारी जमीन हस्तानांतरित कराई जाएगी.

71 स्थानों को चिन्हित किया गया

इसके अलावा 71 स्थान पर 432 हैक्टेयर भूमि चिन्हित भी की जा चुकी है. इसका हस्तानांतरण जल्द कर लिया जाएगा. लैण्ड बैंक में से पर्यटन क्षेत्र के 7 निजी समूह को भूमि आवंटित भी की जा चुकी है, जिससे 23 करोड़ 50 लाख की राशि का प्रीमियम मिला है.

प्रदेश को पांच टूरिज्म जोन में बांटा गया

पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेन्द्र पटवा ने बताया कि प्रदेश को 5 पर्यटन क्षेत्रों में विभाजित कर निवेश की संभावनाओं को चिन्हांकित किया गया है.

इंदौर क्षेत्र में इंदौर, धार, खण्डवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, उज्जैन, रतलाम, देवास, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच जिले के 43 स्थानों पर 233 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि हस्तांतरित होने के साथ ही इन जिलों के 17 स्थानों पर 81 हेक्टेयर से ज्यादा अतिरिक्त भूमि चिन्हित हुई है।

भोपाल क्षेत्र में भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद, बैतूल और हरदा जिले के 33 स्थानों की 135 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि हस्तांतरित होने के बाद इन्हीं जिलों के 16 स्थान पर 82 हैक्टेयर से ज्यादा भूमि चिन्हित हुई है.

जबलपुर क्षेत्र में जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिन्दवाड़ा, सिवनी, मण्डला, बालाघाट, डिन्डौरी, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले के 28 स्थान पर करीब 82 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि हस्तांतरित करने के बाद इन्हीं जिलों के 10 स्थान पर करीब 32 हेक्टेयर भूमि अतिरिक्त रूप से चिन्हित हुई है.

ग्वालियर क्षेत्र में ग्वालियर, गुना, शिवपुरी,अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, भिण्ड एवं टीकमगढ़ जिले के 15 स्थान पर पर करीब 111 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित और 10 स्थान पर करीब 32 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि चिन्हित की गई है.

इन निजी संस्थाओं पर है पर्यटन की जिम्मेदारी

महेन्द्रा हॉलिडे, ऑरेज काउंटी, स्टेट एक्सप्रेस, जहॉनुमा पैलेस होटल, जेनेक्स होटल्स, सृष्टि बेंचर्स आदि शामिल हैं सरकार को भू- आवंटन से लगभग 23 करोड़ 50 लाख रूपये प्रीमियम के तौर प्राप्त हुए हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here