सरकार ने सुकन्या योजना की जमा राशि घटाई

केंद्र सरकार महिला शक्ति को लेकर कई बड़े कदम उठा रही है अभी हाल ही में सेनेटरी नैपकिन को जीएसटी से बाहर किया है. जिसमें पहले 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था. वहीं अब सरकार सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना न्यूनतम जमा राशि को कम कर दिया है. अब1,000 रुपये की जगह 250 रुपये कर दिया है. सरकार के इस कदम से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. इसके लिए सरकार ने सुकन्या समृद्धि खाता नियम 2016 में संशोधन कर ये फैसला लिया है.

बता दें कि, बजट सत्र 2018-19 में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि जनवरी, 2015 में शुरू की गई सुकन्या समृद्धि खाता योजना काफी सफल रही है. और कहा था कि, नवंबर 2017 तक देशभर में छोटी लड़कियों के नाम पर 1.26 करोड़ खाते खोले गए थे. इन खातों में 19,183 करोड़ रुपये जमा हुए थे.

बता दें कि, सुकन्या समृद्धि योजना में ब्याज दरों को अन्य लघु बचत योजनाओं और पीपीएफ की तरह प्रत्येक तिमाही में संशोधित किया जाता है. जुलाई-सितंबर की तिमाही के लिए ब्याज दर 8.1 प्रतिशत तय की गई है. इस योजना के अंतर्गत दस साल से कम उम्र की किसी भी लड़की के माता-पिता या कानूनी अभिभावक यह खाता खोल सकते हैं.

इस योजना का खाता खोलने के लिए किसी डाकघर शाखा और अधिकृत सरकारी बैंक की शाखा में जा सकते हैं. साथ ही इस खाते में आयकर में छूट का प्रावधान है. खाते में हर साल अधिकतम डेढ़ लाख रुपये जमा कराए जा सकते हैं. खात में हर महीने या वित्त वर्ष में कितनी बार भी इस खाते में पैसा जमा कराया जा सकता है. योजना के तहत यह खाता खोलने की तारीख से 21 साल तक मान्य रहेगी. उसके बाद यह परिपक्व होगा और और उस लड़की को इसका भुगतान किया जाएगा जिसके नाम पर खाता खोला गया है.

खाता खोलने की तारीख से 15 साल तक इस खाते में राशि जमा कराई जा सकती है. उसके बाद खाते पर उस समय लागू दरों के हिसाब से ब्याज दिया जाएगा.

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