हिंदी-चीनी भाई-भाई ने बढ़ा दी पाक की टेंशन

पाक के पूर्व पीएम ने दोनों देशों की दोस्ती पर जताई चिंता

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पीएम नरेंद्र मोदी कुछ दिन पहले चीन यात्रा पर गए थे. जहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और मोदी के बीच संबंध अच्छे रहे और मोदी और शी जिनपिंग जिस अंदाज से एक-दूसरे से मिले, वो पाकिस्तान को रास नहीं आ रहा है. भारत और चीन की दोस्ती से पाकिस्तान तिलमिलाया गया है. भारत और चीन के बीच बढ़ती करीबी दोस्ती से पाकिस्तान की टेंशन बढ़ गई है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले सार्वजनिक मंच से पाकिस्तान को अलग-थलग करने की बात कही थी, जो पाकिस्तानी हुक्मरानों को आज भी याद है. पाकिस्तानी विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि, चीन ने पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स से अलग-थलग कर दिया है. ऐसे में मोदी और शी जिनपिंग की दोस्ती पाकिस्तान के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. और अमेरिका ने भी पाकिस्तान को दी जाने वाली फाइनेंशियल मदद भी रोक दी है. जिससे पाक वाकई अलग-थलग पड़ गया है.

भारत और चीन की दोस्ती,भारत और चीन में दुनिया की 40 फ़ीसदी आबादी

जिससे पाकिस्तान को डर सता रहा है कि, अगर भारत और चीन के बीच इसी तरह करीबी बढ़ती रहीं तो वह दिन दूर नहीं, जब चीन मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आंतकी सूची में शामिल कराने में भारत की मदद कर दे. और भारत परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता प्राप्त में चीन का समर्थन हासिल न कर ले.

पाक मीडिया ने भारत और चीन की बढ़ती दोस्ती को खतरे की घंटी बताया है. भारत और चीन के बीच बेहतर कारोबारी संबंध और सीमा पर तनाव कम होना पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर नहीं है. पाकिस्तानी विशेषज्ञ तो चीन को भारत के साथ डोकलाम विवाद की भी याद दिलाकर चेता रहे हैं. इनका कहना है कि चीन पाकिस्तान का सदाबहार दोस्ता था, लेकिन आज वह भारत के करीब जा रहा है. वहीं पाक के बर्खास्त पीएम नवाज शरीफ ने कहा कि, पाकिस्तानी प्रशासन अपनी राजनयिक पकड़ कमजोर करता जा रहा है. नवाज शरीफ ने कहा कि, हमने इतिहास से कोई सबक नहीं लिया है. यही वजह है कि भारत और चीन दोस्त बनते जा रहे हैं.

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