🇮🇳 ‘राष्ट्रीय ध्वज’ कैसे फहराएं? यहां पढ़ें

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💁‍♂ भारत 15 अगस्त 2019 को अपनी आजादी का 73 वां वर्ष मनाएगा. इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारतीय तिरंगे झंडे को फहराया जाएगा.

🎯 2002 से पहले आम लोगों को सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने की छूट थी. 26 जनवरी 2002 को इंडियन फ्लैग कोड में संशोधन किया गया, जिसके बाद अब कोई भी नागरिक किसी भी दिन झंडा फहरा सकता है. आपको बता दें कि तिरंगा फहराने के भी कुछ नियम हैं.

जानते हैं तिरंगा फहराने का सही तरीका :-

● जब भी तिरंगा फहराया जाए तो उसे सम्मानपूर्ण स्थान दिया जाए. उसे ऐसी जगह लगाया जाए, जहां से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे.

● सरकारी भवन पर तिरंगा रविवार और अन्य छुट्‍टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है.

● तिरंगे को सदा स्फूर्ति से फहराया जाए और धीरे-धीरे आदर के साथ उतारा जाए. फहराते और उतारते समय बिगुल बजाया जाता है तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि तिरंगे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए.

● तिरंगे का प्रदर्शन सभा मंच पर किया जाता है तो उसे इस प्रकार फहराया जाएगा कि जब वक्ता का मुंह श्रोताओं की ओर हो तो तिरंगा उनके दाहिने ओर हो.

● जब तिरंगा किसी भवन की खिड़की, बालकनी या अगले हिस्से से आड़ा या तिरछा फहराया जाए तो भी तिरंगे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए.

● तिरंगा किसी अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाए तो उसे सामने की ओर बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए.

● फटा या मैला तिरंगा नहीं फहराया जाता है. जब तिरंगा फट जाए या मैला हो जाए तो उसे एकांत में पूरा नष्ट किया जाए.

● तिरंगा केवल राष्ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुका रहता है.

● किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय तिरंगे से ऊंचा या ऊपर नहीं लगाया जाएगा, न ही बराबर में रखा जाएगा.

● तिरंगे पर कुछ भी लिखा या छपा नहीं होना चाहिए.

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