14वां पूर्व एशिया शिखर सम्‍मेलन बैंकॉक में शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसमें भाग ले रहे हैं।यह सम्मेलन एशिया प्रशांत क्षेत्र के देशों का एक महत्वपूर्ण मंच है। यह सम्बद्ध देशों के बीच विश्वास निर्माण का काम करता है। सरकारी सूत्रों ने बताया है कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के आज के एजेंडे में सम्बद्ध देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर क्षेत्रीय विचार विमर्श शामिल है।

पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS)

  • यह एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के 18 देशों के नेताओं द्वारा संचालित एक अनूठा मंच है जिसका गठन क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और समृद्धि के उद्देश्य से किया गया था।
  • इसे आम क्षेत्रीय चिंता वाले राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर सामरिक वार्ता और सहयोग के लिये एक मंच के रूप में विकसित किया गया है जो क्षेत्रीय निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • East Asia Grouping की अवधारणा पहली बार 1991 में मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर-बिन-मोहम्मद द्वारा लाई गई थी परंतु इसकी स्थापना 2005 में की गई।
  • EAS के सदस्य देशों में आसियान के 10 देशों (इंडोनेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस, वियतनाम, म्याँमार, कंबोडिया, ब्रुनेई और लाओस) के अलावा ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और यूएस शामिल हैं।
  • EAS के प्रेमवर्क के अधीन क्षेत्रीय सहयोग के ये 6 प्राथमिक क्षेत्र आते हैं- पर्यावरण और ऊर्जा, शिक्षा, वित्त, वैश्विक स्वास्थ्य संबंधित मुद्दे एवं विश्वव्यापी रोग, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन तथा आसियान कनेक्टिविटी।
  • भारत इन सभी 6 प्राथमिक क्षेत्रों में क्षेत्रीय सहयोग का समर्थन करता है।

आज का प्रश्न

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन एशिया-प्रशांत में प्रमुख नेताओं के नेतृत्व वाला मंच है।
  2. भारत पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का संस्थापक सदस्य है। कौन सा कथन सत्य है / है?

ए) केवल 1

बी) केवल 2

ग) 1 और 2 दोनों

डी) न तो 1 और न ही 2

उत्तर:। सी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here