2022 तक पीएम मोदी देंगे 5 या 10 संकल्प, जिन्हें आप पूरा करना चाहेंगे?

'सौभाग्य है कि 2500 वर्ष बाद भी भगवान बुद्ध की शिक्षाएं हमारे बीच'

नई दिल्ली| पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध जयंती के अवसर पर दिल्ली में कार्यक्रम का उद्घाटन किया. कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि, मौजूदा समय में विश्व को बचाने के लिए बुद्ध का करुणा प्रेम का संदेश काम आ सकता है.

उन्होंने कहा कि, अब आने वाला मानव इतिहास आपकी सक्रिय भूमिका का इंतजार कर रहा है, और कहा कि, वह चाहते है कि आज जब आप यहां से जाएं, तो मन में इस विचार के साथ जाएं कि, 2022 में, जब हमारा देश स्वतंत्रता के 75 वर्ष का पर्व मना रहा होगा, तब तक ऐसे कौन से 5 या 10 संकल्प होंगे, जिन्हें आप पूरा करना चाहेंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि, हम सभी का सौभाग्य है कि 2500 वर्ष बाद भी भगवान बुद्ध की शिक्षाएं हमारे बीच हैं, निश्चित तौर पर हमारे पहले जो लोग थे, इसमें उनकी बड़ी भूमिका रही है. ये हमसे पहले वाली पीढ़ियों का योगदान था, कि आज हम बुद्ध पूर्णिमा पर इस तरह के कार्यक्रम कर पा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि, Buddhist Circuit के लिए सरकार 360 करोड़ रुपए से ज्यादा स्वीकृत कर चुकी है. इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और गुजरात में बौद्ध स्थलों का और विकास किया जा रहा है.

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उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, गुलामी के कालखंड के बाद अनेक वजहों से हमारे यहां अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य उस तरीके से नहीं हुआ,जैसे होना चाहिए था. इसे ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार अपनी सांस्कृतिक धरोहर और भगवान बुद्ध से जुड़ी स्मृतियों की रक्षा के लिए एक बृहद विजन पर भी काम कर रही है.

वहीं उन्होंने कहा कि, समय की मांग है कि, संकट से अगर विश्व को बचाने के लिए, बुद्ध का करुणा प्रेम का संदेश काम आता है तो बुद्ध को मानने वाली सभी शक्तियां सक्रिय होनी चाहिए. भगवान बुद्ध ने भी कहा था कि, इस रास्ते पर संगठित होकर चलने से ही सामर्थ्य प्राप्त होगा.

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